Petrol Diesel CNG Price : पेट्रोल डीजल और CNG के दाम हुए सस्ते, जानिए अपने-अपने शहर का ताजा रेट।

अगर आप भी उन लाखों लोगों में शामिल हैं जिनके लिए महीने के अंत में पेट्रोल-पम्प का बिल सिरदर्द बन जाता है तो आज की यह खबर आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकती है। पिछले कई महीनों से लगातार ऊपर जा रही महंगाई के बीच पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आई गिरावट वाकई में राहत की सांस जैसी है। मेरा एक दोस्त तो रोज ऑफिस जाने के लिए 40 किलोमीटर बाइक चलाता है उसने कल ही कहा कि अब महीने में कम से कम 500 रुपये की बचत होगी। यह बदलाव हर उस आम आदमी के लिए खुशखबरी है जिसकी जेब पर ईंधन का खर्च सीधा वार करता है।

राजस्थान में वैट कटौती ने दी बड़ी राहत

सबसे बड़ी राहत राजस्थान से मिली है जहां सरकार ने वैट में 2% की कटौती कर दी है। इसका सीधा फायदा यह हुआ है कि अब वहां पेट्रोल 1.40 से 5.30 रुपये प्रति लीटर तक सस्ता हो गया है। डीजल भी 1.34 से 4.85 रुपये प्रति लीटर तक कम हुआ है। यह कटौती सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है बल्कि उन हजारों ट्रक-टैम्पो चालकों किसानों और रोजाना लंबा सफर करने वाले लोगों के लिए एक बड़ी मदद है जिनका पूरा कारोबार और आमदनी ईंधन की कीमतों से जुड़ी हुई है।

आपके शहर में अब क्या है पेट्रोल-डीजल का भाव

अगर आप जयपुर में हैं तो पेट्रोल अब 104.72 रुपये प्रति लीटर और डीजल 90.21 रुपये प्रति लीटर है। लखनऊ में पेट्रोल 94.69 और डीजल 87.81 रुपये प्रति लीटर पर आ गया है। गुड़गांव जैसे शहर में भी पेट्रोल 95.26 और डीजल 87.73 रुपये प्रति लीटर तक नीचे आया है। यानी हर शहर में अलग-अलग टैक्स स्ट्रक्चर के कारण कीमतें अलग हैं लेकिन एक बात तय है कि कहीं ज्यादा तो कहीं कम राहत हर जगह मिली है।

आखिर क्यों गिरी पेट्रोल-डीजल की कीमतें

यह सवाल हर किसी के दिमाग में है। दरअसल, यह गिरावट दो कारणों से आई है। पहला तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी और दूसरा कुछ राज्य सरकारों द्वारा वैट में की गई कटौती। जब दुनिया भर में कच्चा तेल सस्ता होता है तो भारत में भी तेल कंपनियों को उसका फायदा मिलता है और वे कीमतें कम कर पाती हैं। हालांकि मेरी नजर में अभी भी यह गिरावट पर्याप्त नहीं है, क्योंकि टैक्स का बोझ अभी भी बहुत ज्यादा है।

आम आदमी के लिए क्यों है यह इतना महत्वपूर्ण

पेट्रोल-डीजल सिर्फ वाहन नहीं चलाते, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था की रफ्तार तय करते हैं। जब यह सस्ता होता है तो ट्रांसपोर्ट का खर्च कम होता है, जिससे सब्जी, दूध, फल और रोजमर्रा की हर चीज की कीमत पर नीचे आने का दबाव बनता है। छोटे व्यापारी मध्यम वर्ग, किसान हर किसी को इसका फायदा मिलेगा। यह राहत सिर्फ पेट्रोल पम्प तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि हर घर के किचन तक पहुंचेगी।

क्या यह राहत लंबे समय तक बनी रहेगी

सच कहूं तो यह सवाल सबके मन में है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव चलता रहता है और टैक्स में कटौती भी सरकार की मर्जी पर निर्भर करती है। हालांकि फिलहाल यह गिरावट एक सकारात्मक संकेत जरूर है। हम सबकी यही उम्मीद है कि यह राहत कायम रहे और आने वाले दिनों में कीमतें और स्थिर रहें, ताकि आम आदमी का बजट बिना बिगड़े चल सके। आखिरकार जेब में पैसा बचेगा तो जिंदगी थोड़ी आसान तो लगेगी ही।

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